​आमिर खान ने अपने गुरु नासिर हुसैन को मृत्यु जयंती पर याद किया

​आमिर खान ने अपने गुरु नासिर हुसैन को मृत्यु जयंती पर याद किया

​आमिर खान ने अपने गुरु नासिर हुसैन को मृत्यु जयंती पर याद किया

एक्टर आमिर खान ने अपने फिल्ममेकर और राइटर अंकल नासिर हुसैन को उनकी 17वी मृत्यु जयंती पर याद करते हुए कहा की वह उनके अंकल ही नहीं बल्कि गुरु थे.

भारतीय सिनेमा पूरी दुनिया में अपनी मसाला मूवीज और रोमांटिक गानों के लिए जाना जाता है, और उसकी यह पहचान दिलवाले वाले नासिर हुसैन थे, जिन्होंने अपनी फिल्मो और कहानियो से हिंदी सिनेमा को नए आयाम दिए.

बॉलीवुड को ट्विस्ट एंड टर्न तड़का देने वाले आमिर खान के अंकल नासिर हुसैन ने आज ही के दिन 2002 में इस दुनिया से विदा ली थी.

आमिर खान ने नासिर हुसैन की फोटो शेयर करते हुए लिखा, “मेरे चाचा को याद करते हुए, नासिर हुसैन, मेरे लिए सिर्फ चचाजान नहीं थे, मेरे गुरु थे. आज उनकी पुण्यतिथि है। 17 साल हो गए जब हमने उसे खो दिया।”

नासिर हुसैन का जन्म 16 नवंबर 1926 को हुआ था और 13 मार्च 2002 को उन्होंने अंतिम सांस ली थी. नासिर फिल्म निर्माता, निर्देशक और पटकथा लेखक थे.

उन्होंने 'यादों की बारात' (1973) को निर्देशित किया, जिसने बॉलीवुड मसाला फिल्म शैली बनाई जिसने 1970 और 1980 के दशक में हिंदी सिनेमा को परिभाषित किया. साथ ही उन्होंने 'कयामत से कयामत तक' (1988) को लिखा और प्रोड्यूस किया, जिसने 1990 के दशक में हिंदी सिनेमा को म्यूजिक रोमांटिसिज्म के नए दौर को स्थापित किया.

 

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